Haryana में मिलेंगे सस्ते प्लॉट, बनेंगी मल्टी स्टोरी फैक्ट्रियां, जल्द आ रही है नई पॉलिसी
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिए संकेत हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बुधवार को ड्राफ्ट पॉलिसी की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग नई नीति को अंतिम रूप दे रहा है।

Haryana : हरियाणा में आसमान छू रही कीमतों के बीच सरकार ने सस्ते प्लॉट दिलाने के लिए पॉलिसी तैयार कर ली है। इसमें सबसे ज्यादा उद्योगपतियों को फायदा होगा। वहीं नई पॉलिसी से प्रदेश में विदेशी निवेश बढ़ने के आसार है। साल 2025 में प्रदेश सरकार ने बजट में नई पॉलिसी को लेकर घोषणा भी की गई थी। इस पॉलिसी का बेसगब्री से इंतजार किया जा रहा था।
सरकार इसी महीने अपनी नई औद्योगिक नीति (New Industrial Policy) लागू करने जा रही है। इस नीति का सबसे बड़ा आकर्षण उद्योगों के लिए ‘वर्टिकल ग्रोथ मॉडल’ को अपनाना है। अब तक औद्योगिक इकाइयों में निर्माण की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर तक ही सीमित थी, जिसे नई नीति में पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर और सोनीपत जैसे इलाकों में औद्योगिक जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उद्यमियों की इस समस्या को समझते हुए सरकार ने FAR (फ्लोर एरिया रेशियो) को पूरी तरह ओपन करने का निर्णय लिया है। अब उद्योगपति जमीन पर फैलने के बजाय ऊपर की ओर विस्तार कर सकेंगे। इससे कम जमीन पर अधिक उत्पादन क्षमता और भंडारण (Storage) सुनिश्चित होगा।
उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिए संकेत हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बुधवार को ड्राफ्ट पॉलिसी की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग नई नीति को अंतिम रूप दे रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य उद्योगों को नियमों की जकड़न से मुक्त करना है।

अब साइड में खाली जगह छोड़ने की पुरानी बाध्यता को भी खत्म किया जाएगा, जिससे प्लॉट के हर इंच का प्रभावी उपयोग संभव होगा। किन उद्योगों को होगा सीधा फायदा? वर्टिकल विस्तार और ओपन FAR का सबसे अधिक लाभ इन सेक्टर्स को मिलेगा।
लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग: ऊंचे गोदामों से भंडारण क्षमता कई गुना बढ़ेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा: कम जगह में मल्टी-स्टोरी लैब्स और यूनिट्स लग सकेंगी।
टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल: उत्पादन लाइन को वर्टिकल सेट करना आसान होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से हरियाणा में विदेशी निवेश (FDI) बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वर्टिकल इंडस्ट्रियल मॉडल से न केवल पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा, बल्कि प्रदेश के महंगे औद्योगिक क्षेत्रों में कारोबार करना भी किफायती हो जाएगा।












